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मंगलवार, 29 नवंबर 2011

आज का सद़विचार '' मजाक बनता है ''

पहले हर अच्‍छी बात का मजाक बनता है, 
फिर उसका विरोध होता है ... 
और फिर उसे  स्‍वीकार कर लिया जाता है  ... । 


- स्‍वामी विवेकानन्‍द 

सोमवार, 28 नवंबर 2011

आज का सद़विचार '' अनुभव से खाली ''

जो बिना ठोकर खाए मंजिल तक पहुंच जाते हैं 
उनके हाथ अनुभव से खाली रह जाते हैं ...... 

- शेक्‍सपियर 





शनिवार, 26 नवंबर 2011

आज का सद़विचार ''कितना क्रोध उचित है''

सच में हर ज्ञानी,महापुरुष ने सदा एक ही बात कही है
क्रोध नहीं करना चाहिए .
ग्रन्थ साक्षी हैं ,देवताओं से लेकर महा पुरुष,योगी और महा ऋषी भी क्रोध से नहीं बच सके .
क्रोध मनुष्य के स्वभाव का अभिन्न अंग है.
परमात्मा द्वारा दी हुयी इस भावना का अर्थ असहमती की अभिव्यक्ति ही तो है
पर उस में विवेक खोना ,जिह्वा एवं स्वयं पर से नियंत्रण खोना घातक होता है.
इसकी परिणीति अनयंत्रित व्यवहार और कार्य में होती है .जिस से बहुत भारी अनर्थ हो सकता है ,सब को निरंतर ऐसा होते दिखता भी है.
अतः क्रोध करना अनुचित तो है ही ,पर साथ में क्रोध आने पर,अपना विवेक बनाए रखना,जिह्वा और मन मष्तिष्क पर नियंत्रण अत्यंत आवश्यक है.
असहमती अवश्य प्रकट करनी चाहिए पर विवेक पूर्ण तरीके से
डा.राजेंद्र तेला "निरंतर"

आज का सद़विचार 'ब्‍लॉग जगत ' से 

शुक्रवार, 25 नवंबर 2011

आज का सद़विचार '' स्‍वस्‍थ''

मन स्‍वस्‍थ होगा तो शरीर भी स्‍वस्‍थ होगा ... !!

 - हंसराज सुज्ञ
आज का सद़विचार '' ब्‍लॉग जगत से ''

बुधवार, 23 नवंबर 2011

आज का सद़विचार '' अपनी भूल ''

अपनी भूल अपने ही हाथों से सुधर जाए तो यह
उससे कहीं अच्‍छा है कि कोई दूसरा उसे सुधारे ...

- प्रेमचंद

सोमवार, 21 नवंबर 2011

आज का सद़विचार '' करूणा से पानी ''

युवावस्‍था आवेशमय होती है, वह ...
क्रोध से आग हो जाती है और करूणा से पानी ....!

-प्रेमचंद 

शनिवार, 19 नवंबर 2011

आत्‍मा बुद्धि से महान है ....!!!

मस्तिष्‍क इन्द्रियों की अपेक्षा महान है, 
शुद्ध बुद्धिमता मस्तिष्‍क से महान है, 
आत्‍मा बुद्धि से महान है .... 
और आत्‍मा से बढ़कर कुछ भी नहीं है !!!

-स्‍वामी शिवानन्‍द

शुक्रवार, 18 नवंबर 2011

आज का सद़विचार '' हम एक दूसरे के हैं ''

यदि हमारे मन में शांति नहीं है तो इसकी वजह है, 
कि हम यह भूल चुके हैं कि हम एक दूसरे के हैं ...। 

 - मदर टेरेसा 

बुधवार, 16 नवंबर 2011

आज का सद़विचार '' अपने निशान ''

वहां मत जाइए जहां रास्‍ता ले जाए, 
बल्कि वहां जाइए जहां कोई रास्‍ता 
नहीं जाता है, वहां अपने निशान छोड़ जाइए ....। 

- राल्‍फ वाल्‍डो इमर्सन

मंगलवार, 15 नवंबर 2011

आज का सद़विचार '' झूठे शब्‍द ''

झूठे शब्‍द सिर्फ खुद में बुरे नहीं होते, 
बल्कि वे आपकी आत्‍मा को भी बुराई 
से संक्रमित कर देते हैं .... 

- सुकरात 

सोमवार, 14 नवंबर 2011

आज का सद़विचार '' समय की चिंता ''

हम समय की चिंता करते हैं 
समय हमारी चिंता नहीं करता । 

- डा.राजेंद्र तेला,"निरंतर"  
 
आज का सद़विचार '' ब्‍लॉगजगत से '' 

शुक्रवार, 11 नवंबर 2011

आज का सद़विचार '' अशुभ विचारो को ''

घर के कूड़े की तरह, 
अशुभ विचारों को बाहर फेंक देना चाहिए ...। 

- हंसराज सुज्ञ

आज का सद़विचार '' ब्‍लॉग जगत से ''

बुधवार, 9 नवंबर 2011

आज का सद़विचार '' रूई से हल्‍का याचक ''

तृण से हल्‍की रूई होती है और रूई से हल्‍का याचक, 
हवा इस डर से उसे नहीं उड़ाती कि कहीं उससे भी 
कुछ न मांग ले .........। 

- चाणक्‍य

मंगलवार, 8 नवंबर 2011

आज का सद़विचार '' सीख लेना ''

सफलता की खुशी मनाना अच्‍छा है, पर 
सबसे जरूरी है अपनी असफलता से सीख लेना .... । 
 - बिल गेट्स

शनिवार, 5 नवंबर 2011

आज का सद़विचार '' अच्‍छे गुण ''

धन से अच्‍छे गुण नहीं मिलते, 
धन अच्‍छे गुणों से मिलता है !

- सुकरात


गुरुवार, 3 नवंबर 2011

आज का सद़विचार '' प्रबल होने पर ''

अग्नि क्‍या नहीं जला सकती ? समुद्र कौन सी वस्‍तु नहीं डुबा सकता ?
प्रबल होने पर अबला कहलाने वाली स्‍त्री क्‍या नहीं कर सकती ? 
और काल जगत में किसे नहीं खा सकता ..... ?

- तुलसीदास जी




बुधवार, 2 नवंबर 2011

आज का सद़विचार '' कितना क्रोध उचित है ''

सच में हर ज्ञानी,महापुरुष ने सदा एक ही बात कही है
क्रोध नहीं करना चाहिए .
ग्रन्थ साक्षी हैं ,देवताओं से लेकर महा पुरुष,योगी और महा ऋषी भी क्रोध से नहीं बच सके .
क्रोध मनुष्य के स्वभाव का अभिन्न अंग है.
परमात्मा द्वारा दी हुयी इस भावना का अर्थ असहमती की अभिव्यक्ति ही तो है
पर उस में विवेक खोना ,जिह्वा एवं स्वयं पर से नियंत्रण खोना घातक होता है.
इसकी परिणीति अनयंत्रित व्यवहार और कार्य में होती है .जिस से बहुत भारी अनर्थ हो सकता है ,सब को निरंतर ऐसा होते दिखता भी है.
अतः क्रोध करना अनुचित तो है ही ,पर साथ में क्रोध आने पर,अपना विवेक बनाए रखना,जिह्वा और मन मष्तिष्क पर नियंत्रण अत्यंत आवश्यक है.
असहमती अवश्य प्रकट करनी चाहिए पर विवेक पूर्ण तरीके से .
डा.राजेंद्र तेला "निरंतर"

 ... आज का सद़विचार ब्‍लॉग जगत से...

मंगलवार, 1 नवंबर 2011

आज का सद़विचार '' सच्‍चा ज्ञान ''

सच्‍चा ज्ञान वही होता है 
जो जीवन में जीवंत हो उठे ....। 

- हंसराज सुज्ञ

... आज का सद़विचार ब्‍लॉग जगत से ...