विजय गर्व और प्रतिष्ठा कि साथ आती है पर
यदि उसकी रक्षा पौरूष के साथ न की जाय तो
अपमान का जहर पिला कर चली जाती है ।
- मुक्ता
मंगलवार, 12 अक्टूबर 2010
सोमवार, 11 अक्टूबर 2010
आज का सद़विचार '' जीवन ''
खाने और सोने का नाम जीवन नहीं है,
जीवन नाम है, आगे बढ़ते रहने की
लगन का ।
- मुंशी प्रेमचंद
जीवन नाम है, आगे बढ़ते रहने की
लगन का ।
- मुंशी प्रेमचंद
शुक्रवार, 8 अक्टूबर 2010
गुरुवार, 7 अक्टूबर 2010
आज का सद़विचार '' प्रत्येक कार्य ''
प्रत्येक कार्य अपने समय से होता है,
उसमें उतावली ठीक नहीं, जैसे पेड़ में
कितना ही पानी डाला जाये पर फल
वह अपने समय से ही देता है ।
- वृंद
उसमें उतावली ठीक नहीं, जैसे पेड़ में
कितना ही पानी डाला जाये पर फल
वह अपने समय से ही देता है ।
- वृंद
बुधवार, 6 अक्टूबर 2010
आज का सद़विचार '' अध्ययन ''
आज अध्ययन करना सब जानते हैं,
पर क्या अध्ययन करना चाहिए यह
कोई नहीं जानता ।
- जार्ज बर्नाड शॉ
पर क्या अध्ययन करना चाहिए यह
कोई नहीं जानता ।
- जार्ज बर्नाड शॉ
सोमवार, 4 अक्टूबर 2010
आज का सद़विचार '' उत्तमता ''
उत्तमता गुणों से आती है, ऊंचे आसन पर
बैठ जाने से नहीं, महल के शिखर पर बैठने
से कौआ गरूड़ नहीं हो जाता ।
- चाणक्य नीति
बैठ जाने से नहीं, महल के शिखर पर बैठने
से कौआ गरूड़ नहीं हो जाता ।
- चाणक्य नीति
शुक्रवार, 1 अक्टूबर 2010
आज का सद़विचार '' ईश्वर एक है ''
जाति, धर्म अलग-अलग हो सकते हैं,
और इबादत करने के तरीके भी भिन्न
हो सकते हैं, लेकिन ईश्वर एक है ।
- अज्ञात
और इबादत करने के तरीके भी भिन्न
हो सकते हैं, लेकिन ईश्वर एक है ।
- अज्ञात
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