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शुक्रवार, 15 मार्च 2013

आज का सद़विचार ''सर्वश्रेष्‍ठ बनने की आशा में ''

सर्वश्रेष्ठ बनने की
आशा में जीने वाले
इर्ष्या और होड़ को
धर्म मानने वाले
समुद्र में पथ से भटके हुए
ज़हाज जैसे होते
किनारे की तलाश में
निरंतर भटकते रहते
किनारा तो मिलता नहीं
थक हार कर चुक जाते
अंत में डूब जाते

 डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
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6 टिप्‍पणियां:

  1. सर्वश्रेष्‍ठ बनने की आशा सदैव जाग्रत रहनी चाहिये.

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  2. AAJ HAMARA DESH AKTA KE ABHAV MEAI KHUCH RAHA HAI OR DUSRE DESH HAMARI KAMI KI KA PURA PHAYADA UTHA RAHE HAI
    AAJ HAMRE DESH KO MANGAL PANDAY OR RANI LAXMI BAI JASHEE VEERO KI BAHUT JYADA JARURAT HAI

    HRADESH SINGH PAYAK

    जवाब देंहटाएं
  3. TYAG HI JEEVAN KE SHACHHE SUKH KI ANUBHUTI KA SAHI MARG HAI

    HRADESH SINGH PAYAK

    जवाब देंहटाएं
  4. SARVSEST BANANE SE JAYADA IMPORTENT HAI DUSRO KO SARVSEST BANANA HAI

    HRADESH SINGH PAYAK

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