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सोमवार, 4 जनवरी 2010

आज का सद़विचार 'सेवा'

सेवा के लिये पैसे की जरूरत नहीं होती
जरूरत है अपना संकुचित जीवन छोड़ने
की, गरीबों से एकरूप होने की ।


- विनोबा भावे

1 टिप्पणी:

  1. सेवा के लिये पैसे की जरूरत नहीं होती ....
    यह सही तो है लेकिन मेरा मानना है कि कभी-कभी उसकी भी जरूरत पड़ ही जाती है.

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