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सोमवार, 31 अक्तूबर 2011

क्रोध को प्रेम से, पाप को पुण्‍य से, लोभ को दान से 
और असत्‍य को सत्‍य से जीत लो .............. 

- महात्‍मा बुद्ध

शुक्रवार, 28 अक्तूबर 2011

आज का सद़विचार '' भातृभाव का अस्तित्‍व ''

भातृभाव का अस्तित्‍व केवल आत्‍मा में और आत्‍मा के द्वारा
ही होता है, यह और किसी के सहारे टिक ही नहीं सकता ... । 

- श्री अरविंद 

सोमवार, 24 अक्तूबर 2011

आज का सद़विचार ' पूजा - अर्चना '

संसार का सृजन करने वाले  एवं उसे चलाने वाले परमात्मा को भिन्न नामों से पुकारा जाता है अपनी अपनी आस्था और धर्म के अनुसार  राम ,कृष्ण,शिव,जीसस क्राइस्ट,पैगम्बर मोहम्मद,गुरु नानक,गौतम बुद्ध ,महावीर ,जोराष्ट्र ,भिन्न भिन्न सम्प्रादायों के गुरुओं आदि के नामों से धर्मावलम्बी उन्हें याद करते उनका नमन व् अपने धार्मिक मूल्यों एवं आस्था के अनुसार पूजा करते हैं.सम्मान प्रकट करते हैं
पर पूजा,अर्चना अर्थ हीन हो जाती है अगर हम उनके बताये रास्ते पर नहीं चलते .
हमारे कार्य कलापों एवं व्यवहार में उनके द्वारा दी गयी शिक्षा अगर परिलक्षित नहीं होती हो तो ये अधर्म कहलायेगा  
अपने ईश या इष्ट को प्रसन्न करने के लिए पूजा ,अर्चना से अधिक आवश्यक है,उनके द्वारा स्थापित मूल्यों एवं सत्य मार्ग पर चलना .
अन्यथा पूजा,म्रत्यु और अनहोनी से बचने के लिए  उन्हें याद करने से अधिक नहीं होती है.
मात्र दिखावा भर रह जाती है और स्वयं को धोखा देने के सामान होती है
संसार का सृजन करने वाले एवं उसे चलाने वाला परमात्मा अगर है ,तो ध्यान रहना चाहिए वो सब देखता है
ऐसा कार्य या व्यवहार जो उसे मान्य नहीं है ,उसकी दृष्टि से छुपा नहीं रहता


आज का सद़विचार ब्‍लॉग जगत से ... 


शनिवार, 22 अक्तूबर 2011

आज का सद़विचार '' एक ही उपाय ''

दुनिया में प्रसन्‍न रहने का एक ही उपाय है, 
वह यह कि हम अपनी जरूरतें कम कर लें ... 

- महात्‍मा गांधी









सोमवार, 17 अक्तूबर 2011

आज का सद़विचार '' हितकर ''

प्रिय होने पर भी जो हितकर न हो, उसे न कहें
हितकर कहना ही अच्‍छा है, चाहे वह अत्‍यंत अप्रिय हो ...

- विष्‍णु पुराण

शुक्रवार, 14 अक्तूबर 2011

आज का सद़विचार '' नम्रता में वृद्धि''

ज्ञान बढ़ने के साथ ही अहंकार घटना चाहिए,
और नम्रता में वृद्धि होनी चाहिए .... !!!


- हंसराज सुज्ञ

आज का सद़विचार ब्‍लॉगजगत से .....


गुरुवार, 13 अक्तूबर 2011

आज का सद़विचार '' ज्ञान से ही पूर्णता ''

श्रद्धावान व्‍यक्ति को ही ज्ञान प्राप्‍त होता है,
ज्ञान में परम शांति छिपी हुई है ज्ञान से ही
व्‍यक्ति पूर्ण होता है ........।

- गीता

मंगलवार, 11 अक्तूबर 2011

आज का सद़विचार '' मौन ''

पुरूषार्थ से दरिद्रता का नाश होता है,
जप से पाप दूर होता है मौन से
कलह की उत्‍पत्ति नहीं होती और
सजगता से भय नहीं होता ....


- चाणक्‍य

सोमवार, 10 अक्तूबर 2011

आज का सद़विचार '' बुरा काम ''

दुनिया उनकी वजह से बरबाद नहीं होगी जो बुरा काम
करते हैं, वह तो उनकी वजह से बरबाद होगी जो उन्‍हें
ऐसा करते हुए देखते हैं और कुछ करते नहीं ... ।

- अल्‍बर्ट आइंस्‍टीन

शुक्रवार, 7 अक्तूबर 2011

आज का सद़विचार '' पारस पत्‍थर ''

अगर तुम जितना पाते हो उससे कम खर्च करते हो,
तो तुम्‍हारे पास पारस पत्‍थर है ...........
!!!

- बेंजामिन फ्रेंकलिन

बुधवार, 5 अक्तूबर 2011

आज का सद़विचार '' दो मूल विकल्‍प ''

जीवन में दो मूल विकल्‍प होते हैं स्थितियों को
उसी रूप में स्‍वीकार करना जैसी वे हैं, या उन्‍हें
बदलने का उत्‍तरदायित्‍व स्‍वीकार करना ।

- डेनिस वेटले

मंगलवार, 4 अक्तूबर 2011

आज का सद़विचार ''प्रेम करने वाला ''

प्रेम करने वाला व्‍यक्ति कभी भी उद्दंड,
अत्‍याचारी और स्‍वार्थी नहीं होता .... ।

- महात्‍मा गांधी