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मंगलवार, 29 सितंबर 2009

आज का सद़विचार 'अशिक्षित'

अशिक्षित रहने से पैदा न होना अच्‍छा है,
क्‍योंकि अज्ञान सब बुराईयों का मूल हैं ।

- नेपोलियन बोनापार्ट

शनिवार, 26 सितंबर 2009

आज का सद़विचार 'परोपकार'

सज्‍जन लोग स्‍वभाव से ही,
स्‍वार्थ सिद्धि में आलसी और,
परोपकार में दक्ष होते हैं ।

- भास

गुरुवार, 24 सितंबर 2009

आज का सद़विचार 'पहचान'

गुणों से ही मानव की पहचान होती है,
ऊंचे सिंहासन पर बैठने से नहीं । महल
के उच्‍च शिखर पर बैठने के बावजूद
कौवे का गरूड़ होना असंभव है ।

- चाणक्‍य

मंगलवार, 22 सितंबर 2009

आज का सद़विचार ' समानता '

समानता ही आजादी की
आत्‍मा है, अगर समानता ही
न हो तो आजादी निरर्थक है ।

- फ्रांसिस राईट

शुक्रवार, 18 सितंबर 2009

आज का सद़विचार 'सन्‍यास'

सन्‍यास हृदय की एक दशा का नाम है,
किसी ऊपरी नियम या वेशभूषा का नहीं ।

- श्रीमद् भगवदगीता

बुधवार, 16 सितंबर 2009

आज का सद़विचार 'इच्‍छा'

इच्‍छा से दुख आता है, इच्‍छा से भय,
आता है, जो इच्‍छाओं से मुक्‍त है वह
न दुख जानता है न भय ।

- महात्‍मा गांधी

मंगलवार, 15 सितंबर 2009

आज का सद़विचार 'हंसी'

हंसी मन की गांठे बड़ी आसानी
से खोल देती है मेरे मन की भी
और तुम्‍हारे मन की भी ।

- महात्‍मा गांधी

सोमवार, 14 सितंबर 2009

आज का सद़विचार 'बुरा व्‍यक्ति'

बुरा व्‍यक्ति उस समय और भी
बुरा हो जाता है जब वह अच्‍छा
होने का ढोंग करता है ।

- फ्रांसिस बेकन

गुरुवार, 10 सितंबर 2009

आज का सद़विचार 'विष-वृक्ष'

उस मनुष्‍य की सम्‍पत्ति, जिसे लोग
प्‍यार नहीं करते हैं, गांव के बीचों-
बीच किसी विष-वृक्ष के फलने के
समान है ।

- तिरूवल्‍लुवर

बुधवार, 9 सितंबर 2009

आज का सद़विचार 'अमल'

जो नए सुधारों पर अमल नहीं,
करेगा वह नए खतरों को
न्‍यौता देगा ।

- फ्रांसिस बेकन

सोमवार, 7 सितंबर 2009

आज का सद़विचार 'शिक्षा'

शिक्षा की जड़े भले ही कड़वी हों,
इसके फल मीठे होते हैं ।


- अरस्‍तू

शनिवार, 5 सितंबर 2009

आज का सद़विचार 'चरित्र'

चरित्र वृक्ष के समान है तो प्रतिष्‍ठा,
उसकी छाया है। हम अक्‍सर छाया के,
बारे में सोचते हैं, जबकि असल,
चीज तो वृक्ष ही है।

- अब्राहम लिंकन

गुरुवार, 3 सितंबर 2009

आज का सद़विचार 'मनुष्‍यता'

मनुष्‍यता का एक पक्ष वह भी है,
जहां वर्ण, धर्म और देश को
भूलकर मनुष्‍य, मनुष्‍य के लिए
प्‍यार करता हैं ।

- जयशंकर प्रसाद

बुधवार, 2 सितंबर 2009

आज का सद़विचार 'अनपढ़'

जो पढ़ता नहीं है, वह उस
व्‍यक्ति से कतई बेहतर
नहीं है जो अनपढ़ है ।

- मार्क ट्वेन