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मंगलवार, 26 अप्रैल 2011

आज का सद़विचार '' कर्म प्रधान ''

ईश्‍वर ने संसार को कर्म प्रधान बना रखा है,
इसमें जो मनुष्‍य जैसा कर्म करता है उसको,
वैसा ही फल प्राप्‍त होता है ..... ।।


- गोस्‍वामी तुलसीदास

15 टिप्पणियाँ:

  1. परम सत्य!!
    आत्मा स्वयं कर्म का कर्ता व भोक्ता है।

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  2. It's very true. It is more or less like 'Charvaak darshan" in which they say- "yaavad jived , sukham jived , rinam krutva ghrutam pibet"

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं

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