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बुधवार, 25 नवंबर 2009

आज का सद़विचार 'सीमाएं'

जीवन की उन सीमाओं को छोड़ कर,
कोई और सीमाएं नहीं हैं, जिन्‍हें आप
खुद तय करते हैं ।

- लेस ब्राउन

सोमवार, 23 नवंबर 2009

आज का सद़विचार 'सत्‍ता की महत्‍ता'

सत्‍ता की महत्‍ता तो मोहक भी बहुत
होती है, एक बार हांथ में आने पर और
कंटीली होने पर भी छोड़ी नहीं जाती

- वृंदावनलाल वर्मा

शुक्रवार, 20 नवंबर 2009

आज का सद़विचार 'आराधना'

आशा अमर है उसकी आराधना
कभी निष्‍फल नहीं होती ।

- महात्‍मा गांधी

गुरुवार, 19 नवंबर 2009

आज का सद़विचार 'हस्‍ती'

जब कोई प्रतिभाशाली हस्‍ती इस संसार
में आती है तो उसे इस लक्षण से पहचाना
जा सकता है तमाम मूर्ख उसके खिलाफ
उठकर खड़े हो जाते हैं ।

- स्विफ्ट

मंगलवार, 17 नवंबर 2009

आज का सद़विचार 'मानवता'

मानवता प्रकाश की वह नदी है जो
सीमित से असीम की ओर बहती है ।

- खलील जिब्रान

शुक्रवार, 13 नवंबर 2009

आज का सद़विचार 'इच्‍छा रूपी समुद्र'

इच्‍छा रूपी समुद्र सदा अतृप्‍त रहता है
उसकी मांगे ज्‍यों-ज्‍यों पूरी की जाती हैं,
त्‍यों-त्‍यों और गर्जन करता है ।

- स्‍वामी विवेकानन्‍द

बुधवार, 11 नवंबर 2009

आज का सद़विचार 'सत्‍ता'

शरीर-बल से प्राप्‍त सत्‍ता मानव देह की,
तरह क्षणभंगुर रहेगी, जबकि आत्‍मबल
से प्राप्‍त सत्‍ता अजर-अमर ।

- महात्‍मा गांधी

सोमवार, 9 नवंबर 2009

आज का सद़विचार 'हिंसा'

मन ज्‍यों-ज्‍यों हिंसा से दूर हटता है,
त्‍यों-त्‍यों दुख शांत हो जाता है ।


- महात्‍मा बुद्ध

शनिवार, 7 नवंबर 2009

आज का सद़विचार 'सत्‍य'

सत्‍य से सूर्य तपता है, सत्‍य से आग
जलती है,सत्‍य से वायु बहती है
सब कुछ सत्‍य में ही प्रतिष्ठित है ।

- वेदव्‍यास

गुरुवार, 5 नवंबर 2009

आज का सद़विचार 'आंतरिक दुर्बलता'

व्‍यक्ति को हानि, पीड़ा और चिंताएं,
उसकी किसी आंतरिक दुर्बलता के
कारण होती है, उस दुर्बलता को दूर
करके कामयाबी मिल सकती है ।

- स्‍वामी रामतीर्थ

मंगलवार, 3 नवंबर 2009

आज का सद़विचार 'फरियाद'

बल की शिकायतें सब सुनते हैं,
निर्बल की फरियाद कोई नहीं
सुनता ।

- प्रेमचन्‍द