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गुरुवार, 5 अगस्त 2010

आज का सद़विचार ' वैराग्‍य '

भोग में रोग का, उच्‍चा-कुल में पतन का,
मान में अपमान का, बल में शत्रु का रूप
में बुढ़ापे का और शास्‍त्र में विवाद का डर
है, भय रहित तो केवल वैराग्‍य ही है ।

- भगवान महावीर


2 टिप्‍पणियां:

यह सद़विचार आपको कैसा लगा अपने विचारों से जरूर अवगत करायें आभार के साथ 'सदा'