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शनिवार, 31 जुलाई 2010

आज का सद़विचार ' मनुष्‍यत्‍व '

इस संसार मे प्‍यार करने लायक दो,
वस्‍तुएं हैं एक दुख और दूसरा श्रम,
दुख के बिना हृदय निर्मल नही होता,
और श्रम के बिना मनुष्‍यत्‍व का विकास
नहीं होता ।


- आचार्य श्रीराम शर्मा

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