Click here for Myspace Layouts

समर्थक

शुक्रवार, 12 नवंबर 2010

आज का सद़विचार '' संतोषप्रद ''

काम की समाप्ति संतोषप्रद हो तो
परिश्रम की थकान याद नहीं रहती ।


- कालिदास

3 टिप्‍पणियां:

  1. .

    अंत भला तो सब भला !... वैसे मनोयोग से काम करते हैं तो संतोष भी मिलता है और थकान भी नहीं होती ।


    .

    उत्तर देंहटाएं

यह सद़विचार आपको कैसा लगा अपने विचारों से जरूर अवगत करायें आभार के साथ 'सदा'