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मंगलवार, 30 जून 2009

आज का सद़विचार 'विचार'

ईर्ष्‍या या घृणा के के विचार मन में प्रवेश
होते ही खुशी गायब हो जाती है, प्रेम व
शुभ-भावना युक्‍त विचारों से उदासी
दूर हो जाती है ।

- अज्ञात

20 टिप्पणियाँ:

  1. Sudar "sadayen" hain ye..!

    http://shamasansmaran.blogspot.com

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  2. विचारों का प्रवाह मनुष्य के मष्तिष्क की एक सामान्य प्रक्रिया है
    पर सद विचार ही आयें,उसके लियेसत्संग आवश्यक है .
    सद विचार रखने वाले लोग आपको निरंतर सद विचारों के प्रति प्रोत्साहित करेंगे .
    साथ ही विचारों के प्रवाह को नियंत्रित करना भी अति आवश्यक है
    अवांछनीय विचार मष्तिष्क में आते ही उन्हें परिष्कृत करना भी सीखना पडेगा.
    तत्काल कुछ और कार्य में अपने को तल्लीन करना चाहिए

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  3. बहुत सुंदर और सत्य विचार !

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  4. sad vichar bahut hi chhe or shiksha prad hai or jiwan me utarne yogiya hai..... aise hi marg darshan or sadvichar dete rahia..........

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  5. Sona tap kar he nikharta hai,hamko kabhi haar nahi manhi chahiye or apne path par aage barta rahna chahiye

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  6. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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  7. Divas gavaya khaye ke!
    Raat gavaye soye!
    hira janam anmol tha!
    kodi badle jaye!

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