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शुक्रवार, 30 सितंबर 2011

आज का सद़विचार ''अवसर''

अवसर आने पर मनुष्‍य यदि कौड़ी (दाम) देने में
चूक जाये जो तो फिर लाख रूपया देने से क्‍या होता है ?
द्वितीया के चंद्रमा को न देखा जाए फिर पक्ष भर चंद्रमा
उदय रहे, उससे क्‍या होगा ?


- तुलसीदास

5 टिप्‍पणियां:

  1. सही कहा है, तब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गयी खेत !

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  2. समय पर कौड़ी भी मूल्यवान हो जाती है।
    सुंदर विचार।

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत सुन्दर लगा! उम्दा प्रस्तुती!
    दुर्गा पूजा पर आपको ढेर सारी बधाइयाँ और शुभकामनायें !
    मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
    http://seawave-babli.blogspot.com
    http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/

    उत्तर देंहटाएं

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