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मंगलवार, 4 जनवरी 2011

आज का सद़विचार '' सत्‍य की जिज्ञासा ''

जब तक व्‍यक्ति असत्‍य को ही
सत्‍य समझता रहता है, तब
तक उसके मन में सत्‍य को
जानने की जिज्ञासा उत्‍पन्‍न
नहीं होती है ।


- पं. श्रीराम शर्मा

4 टिप्‍पणियां:

  1. परफेक्ट!!
    क्योंकि उसे लगता है मैने अन्तिम सत्य पा लिया है। और उसने इतर कोई सत्य हो ही नहीं सकता।

    उत्तर देंहटाएं

यह सद़विचार आपको कैसा लगा अपने विचारों से जरूर अवगत करायें आभार के साथ 'सदा'