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सोमवार, 11 जून 2012

आज का सद़विचार '' इच्‍छाओं का संघर्ष ''

इच्‍छाओं का संषर्घ यह प्रकट करता है 
कि जीवन व्‍यवस्थित होना चाहता है ... 

- खलील जिब्रान 

3 टिप्‍पणियां:

  1. जहां भी इच्छाएं हैं,वहां संघर्ष है। जहां संघर्ष है,वहां अव्यवस्था है,व्यवस्था नहीं। संघर्ष से कायम व्यवस्था भी संभावित अव्यवस्था से पूर्व की स्थिति है।

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