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बुधवार, 27 जून 2012

आज का सद़विचार '' नाव जल में ''

नाव जल में रहे लेकिन जल नाव में नहीं रहना चाहिए, 
इसी प्रकार साधक जग में रहे लेकिन जग साधक के 
मन में न‍हीं रहना चाहिए ... 

- रामकृष्‍ण परमहंस

5 टिप्‍पणियां:

  1. साधक ऐसा ही होता है,ऐसा ही साधक होता है.

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  2. सद विचार सदा जी .जल में कुम्भ ,कुम्भ में जल है ,ऊपर नीचे पानी ...

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  3. बहुत बेहतरीन रचना....
    मेरे ब्लॉग पर आपका हार्दिक स्वागत है।

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यह सद़विचार आपको कैसा लगा अपने विचारों से जरूर अवगत करायें आभार के साथ 'सदा'