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शुक्रवार, 31 दिसंबर 2010

आज का सद़विचार '' मीठा फल ''

संतोष का वृक्ष कड़वा है ,
लेकिन इस पर लगने
वाला फल मीठा होता है ।

- स्‍वामी शिवानन्‍द

गुरुवार, 30 दिसंबर 2010

आज का सद़विचार '' शुभ अवसर ''

अच्‍छे कार्य करने के लिये किसी शुभ,
अवसर की राह मत देखो, बल्कि छोटे-
छोटे अवसरों से ही लाभ उठाओ ......।

- रिशर

मंगलवार, 28 दिसंबर 2010

आज का सद़विचार '' शांति ''

इस संसार में सबसे सुखी वही
व्‍यक्ति है जो अपने घर में शांति
पाता है .........।


- गेटे

सोमवार, 27 दिसंबर 2010

आज का सद़विचार '' सत्‍याग्रह ''

सत्‍याग्रह बल प्रयोग के विपरीत होता है,
हिंसा के सम्‍पूर्ण त्‍याग में ही सत्‍याग्रह
की कल्‍पना की गई है ......।

- महात्‍मा गांधी

शुक्रवार, 24 दिसंबर 2010

आज का सद़विचार '' कुल की प्रतिष्‍ठा ''

कुल की प्रतिष्‍ठा भी विनम्रता
और सद्व्‍यवहार से होती है,
हेकड़ी और रूआब दिखाने से नहीं ।


- प्रेमचन्‍द

गुरुवार, 23 दिसंबर 2010

आज का सद़विचार '' वाणी ''

जो सबके दिल को खुश कर देने वाली
वाणी
बोलता है, उसके पास दरिद्रता
कभी नहीं फटक सकती ....।

- तिरूवल्‍लुवर

बुधवार, 22 दिसंबर 2010

आज का सद़विचार '' अज्ञानी ''

अज्ञानी रहने से जन्‍म नहीं लेना
अच्‍छा है, क्‍योंकि अज्ञान सब दुखों
की जड़ है .....।


- प्‍लेटो

शनिवार, 18 दिसंबर 2010

आज का सद़विचार '' संयम की भूमि ''

जीवन की जड़ संयम की भूमि में
जितनी गहरी जमती है और
सदाचार का जितना जल दिया
जाता है उतना ही जीवन हरा भरा
होता है ..........।

- दीनानाथ दिनेश

गुरुवार, 16 दिसंबर 2010

आज का सद़विचार '' मर्यादा ''

जिस बंदे को पेट भर रोटी
नहीं मिलती, उसके लिए
मर्यादा और इज्‍जत ढोंग है ।

- प्रेमचंद

सोमवार, 13 दिसंबर 2010

आज का सद़विचार '' अहंकार ''

हम दूसरों का अहंकार इसलिए सहन
नहीं कर पाते क्‍योंकि उससे हमारा
अपना अहंकार आहत होता है ....।


- ला रोशफूको

गुरुवार, 9 दिसंबर 2010

आज का सद़विचार '' अपनी कमाई ''

बीस वर्ष की आयु में व्‍यक्ति का चेहरा
प्रकृति की देन है, तीस वर्ष की आयु का
चेहरा जिन्‍दगी के उतार-चढ़ाव की देन है,
लेकिन पचास वर्ष वर्ष की आयु का चेहरा
उसकी अपनी कमाई है ......।

- अष्‍टावक्र

बुधवार, 8 दिसंबर 2010

आज का सद़विचार '' मधुर स्‍त्रोत ''

पाषाण के भीतर भी मधुर स्‍त्रोत होते हैं,
उसमें मदिरा नहीं शीतल जल की धारा
बहती है ....।

- जयशंकर प्रसाद

सोमवार, 6 दिसंबर 2010

आज का सद़विचार '' मित्र ''

मिलने पर मित्र का आदर करो,
पीठ पीछे प्रशंसा करो और
आवश्‍यकता के समय उसकी
मदद करो ।

- अज्ञात

शनिवार, 4 दिसंबर 2010

आज का सद़विचार पुस्‍तकें .....

जो पुस्‍तकें सबसे अधिक सोचने के
लिए मजबूर करती हैं, वही तुम्‍हारी
सबसे बड़ी सहायक हैं .......।


- जवाहरलाल नेहरू

गुरुवार, 2 दिसंबर 2010

आज का सद़विचार '' कलंक ''

चन्‍द्रमा अपना प्रकाश सम्‍पूर्ण
आकाश में फैलाता है परन्‍तु
अपना कलंक अपने ही पास रखता है


- रवीन्‍द्र

बुधवार, 1 दिसंबर 2010

आज का सद़विचार '' साहस ''

मानव के सभी गुणों में साहस
पहला गुण है, क्‍योंकि वह सभी
गुणों की जिम्‍मेदारी लेता है ।

- चर्चिल