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बुधवार, 23 फ़रवरी 2011

आज का सद़विचार '' तुम्‍हारा युग ''

कलियुग में रहना है या सतयुग में,
यह तुम स्‍वयं चुनो तुम्‍हारा युग
तुम्‍हारे पास है .........।

- विनोबा

9 टिप्‍पणियां:

  1. दरअसल युग पास है नहीं युग बनाना है फिर उसमे रह सकते हैं !

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  2. बहुत खूब !!! ज़रा मेरा ब्लाग भी देखने की कृपा करें ।
    http://hinditeachers.blogspot.com

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  3. सच ही तो है,सतयुग-कलयुग आत्मा में बसते है।

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  4. बिलकुल सच है ... समाज वैसे बनता है जैसे हम इसे बनाते हैं !

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यह सद़विचार आपको कैसा लगा अपने विचारों से जरूर अवगत करायें आभार के साथ 'सदा'