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बुधवार, 25 मई 2011

आज का सद़विचार '' सौन्‍दर्य की भाषा ''

आंतरिक सौन्‍दर्य का आ‍ह्वान करना कठिन काम है,
सौन्‍दर्य की अपनी भाषा होती है, ऐसी भाषा जिसमें न
शब्‍द होते हैं न आवाज...........।।

- अज्ञात

9 टिप्‍पणियां:

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