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शुक्रवार, 26 अगस्त 2011

आज का सद़विचार '' धर्म का मूल ''

विनय धर्म का मूल है अत: विनय आने पर,
अन्‍य गुणों की सहज ही प्राप्ति हो जाती है .... ।


- हंसराज सुज्ञ


आज का विचार ब्‍लॉग जगत से ....

6 टिप्‍पणियां:

  1. सर्वदा अनुकरणीय विचार ...

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  2. सही कहा है आपने! उत्तम विचार!
    मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
    http://seawave-babli.blogspot.com/
    http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/

    उत्तर देंहटाएं
  3. विनय धर्म का मूल है।
    सुंदर विचार।

    उत्तर देंहटाएं

यह सद़विचार आपको कैसा लगा अपने विचारों से जरूर अवगत करायें आभार के साथ 'सदा'