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गुरुवार, 3 नवंबर 2011

आज का सद़विचार '' प्रबल होने पर ''

अग्नि क्‍या नहीं जला सकती ? समुद्र कौन सी वस्‍तु नहीं डुबा सकता ?
प्रबल होने पर अबला कहलाने वाली स्‍त्री क्‍या नहीं कर सकती ? 
और काल जगत में किसे नहीं खा सकता ..... ?

- तुलसीदास जी




2 टिप्‍पणियां:

  1. मेरा मानना है ,अधिकतर पुरुष वर्ग समझता है,
    स्त्रियाँ निर्बल होती हैं,वास्तविकता इसके विपरीत है,शारीरिक बल स्त्रियों का कम हो सकता पर ,आत्मिक बल अधिक होता है,सहने और करने की शक्ती भी अधिक होती है,जो त्याग और बिलदान स्त्रियाँ करती हैं , उसकी अनदेखी होती है. दुःख है की,पुरुष प्रधान समाज इस कटु सत्य को नज़रंदाज़ करता है.

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