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बुधवार, 23 नवंबर 2011

आज का सद़विचार '' अपनी भूल ''

अपनी भूल अपने ही हाथों से सुधर जाए तो यह
उससे कहीं अच्‍छा है कि कोई दूसरा उसे सुधारे ...

- प्रेमचंद

5 टिप्‍पणियां:

  1. मन की पीड़ा जब तक जागा करना होगा

    शायद ही कोई होगा
    जिससे से भूल नहीं होती
    पर भूल भूल सुधारना
    आवश्यक है
    चाहे खुद के सुधारने से सुधरे
    या किसी के कहने से सुधरे
    कई बार इंसान को
    समझ ही नहीं आता
    सुधार कैसे किया जाए
    उस स्थिती में दूसरों की
    मदद लेना आवश्यक
    होता है
    सुधार करने के लिए
    निरंतर खुले दिल से
    सुझाव लेने भी आवश्यक
    होते हैं
    उसमें परहेज़ नहीं रखना
    चाहिए

    उत्तर देंहटाएं
  2. सुंदर विचार! सही है यदि खुद संभव न हो तो मदद लेनी चाहिए.

    उत्तर देंहटाएं

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