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गुरुवार, 13 जनवरी 2011

आज का सद़विचार '' ताश के पत्‍ते ''

जीवन ताश के खेल के समान है, आप
को जो पत्‍ते मिलते हैं वह नियति है,
आप कैसे खेलते हैं वह आपकी
स्‍वेच्‍छा है .......।

- पं. जवाहर लाल नेहरू

10 टिप्‍पणियां:

  1. जीवन का सार्थक व सटीक दर्शन!!

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  2. जो कुछ भी नियति से मिला उसे सहेजना संवारना और सही समय पर सही उपयोग टॉम हमारे हाथों में ही है . यही विशेष है . शुभकामना .

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  3. जय श्री कृष्ण...आप बहुत अच्छा लिखतें हैं...वाकई.... आशा हैं आपसे बहुत कुछ सीखने को मिलेगा....!!

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  4. जय श्री कृष्ण...आप बहुत अच्छा लिखतें हैं...वाकई.... आशा हैं आपसे बहुत कुछ सीखने को मिलेगा....!!

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  5. उत्तम विचार!
    लोहड़ी और उत्तरायणी की सभी को शुभकामनाएँ!

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  6. आप बहुत अच्छा लिखतें हैं.................
    www.kuchkhaskhabar.blogspot.com

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