Click here for Myspace Layouts

समर्थक

शुक्रवार, 14 जनवरी 2011

आज का सद़विचार '' प्रकृति ''

प्रकृति अपरिमित ज्ञान का
भंडार है, परन्‍तु उससे लाभ
उठाने के लिये अनुभव
आवश्‍यक है .... ।


हरिऔध

3 टिप्‍पणियां:

  1. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    उत्तर देंहटाएं
  2. सत्य तथ्य है। प्रकृति का श्रेष्ठ उपयोग कैसे लिया जाय, अनुभव चाहिए।
    हरिऔध जी के प्रति श्रद्धा, अनवरत सद्विचार प्रस्तुतिकरण के लिये आपका आभार!!

    उत्तर देंहटाएं

यह सद़विचार आपको कैसा लगा अपने विचारों से जरूर अवगत करायें आभार के साथ 'सदा'