सबसे ज्यादा बहादुर लोग ही बेहद,
क्षमाशील तथा झगड़ों को टालने की
कोशिश करने वाले होते हैं ।
- थैकरे
मंगलवार, 28 सितंबर 2010
शुक्रवार, 24 सितंबर 2010
आज का सद़विचार '' आशा ''
ऐसे देश को छोड़ देना चाहिए जहां,
न आदर है, न जीविका, न मित्र, न
परिवार और न ही ज्ञान की आशा ।
- विनोबा
न आदर है, न जीविका, न मित्र, न
परिवार और न ही ज्ञान की आशा ।
- विनोबा
गुरुवार, 23 सितंबर 2010
आज का सद़विचार '' मेहनत के बिना ''
कड़ी मेहनत के बिना सफलता का प्रयास करना,
तो ऐसा है जैसे आप वहां से फसल काटने की
कोशिश कर रहे हों, जहां आपने फसल बोई ही नहीं है ।
- डेविड ब्लाए
तो ऐसा है जैसे आप वहां से फसल काटने की
कोशिश कर रहे हों, जहां आपने फसल बोई ही नहीं है ।
- डेविड ब्लाए
बुधवार, 22 सितंबर 2010
आज का सद़विचार '' परोपकारी ''
परोपकारी अपने कष्ट को नहीं देखता,
क्योंकि वह परकष्ट जनित करूणा
से ओत-प्रोत होता है ।
- संत तुकाराम
क्योंकि वह परकष्ट जनित करूणा
से ओत-प्रोत होता है ।
- संत तुकाराम
सोमवार, 20 सितंबर 2010
आज का सद़विचार '' मन का गुलाम ''
जो मनुष्य अपने मन का गुलाम
बना रहता है वह कभी नेता और
प्रभावशाली पुरूष नहीं हो सकता ।
- स्वेट मार्डन
बना रहता है वह कभी नेता और
प्रभावशाली पुरूष नहीं हो सकता ।
- स्वेट मार्डन
शनिवार, 18 सितंबर 2010
आज का सद़विचार ''व्यवसाय''
प्रत्येक व्यक्ति के लिये यह याद रखना बेहतर,
होगा कि सभी सफल व्यवसाय नैतिकता
की नींव पर आधारित होते हैं ।
- हैनरी वार्ड बीचर
बुधवार, 15 सितंबर 2010
आज का सद़विचार ''भरोसा''
इस संसार में जो अपने आप पर,
भरोसा नहीं करता वह नास्तिक है ।
- स्वामी विवेकानन्द
भरोसा नहीं करता वह नास्तिक है ।
- स्वामी विवेकानन्द
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