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शुक्रवार, 3 जून 2011

आज का सद़विचार '' विश्‍व ''

विश्‍व एक सुन्‍दर पुस्‍तक के समान शिक्षापूर्ण है,
किन्‍तु उसके लिए इसका रंच-मात्र भी उपयोग
नहीं जो इसको पढ़ नहीं सकता ..... ।

- गोल्‍डोनी

7 टिप्‍पणियां:

  1. विश्‍व एक सुन्‍दर पुस्‍तक के समान शिक्षापूर्ण है..
    बहुत सुन्दर और सटीक लिखा है आपने!

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  2. आपकी उम्दा प्रस्तुति कल शनिवार (04.06.2011) को "चर्चा मंच" पर प्रस्तुत की गयी है।आप आये और आकर अपने विचारों से हमे अवगत कराये......"ॐ साई राम" at http://charchamanch.blogspot.com/
    चर्चाकार:-Er. सत्यम शिवम (शनिवासरीय चर्चा)
    स्पेशल काव्यमयी चर्चाः-“चाहत” (आरती झा)

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  3. और जो पढना चाहे उसको जिन्दगी भी कम पड़ती है.

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  4. बहुत सुंदर विचार....अनुकरणीय।

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यह सद़विचार आपको कैसा लगा अपने विचारों से जरूर अवगत करायें आभार के साथ 'सदा'