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शनिवार, 4 जुलाई 2009

आज का सद़विचार 'मन'

मन इच्‍छाओं की गठरी है, जब तक
इच्‍छाओं को उखाड़कर नहीं फेंका
जाएगा, तब तक मन को नष्‍ट
करने की आशा व्‍यर्थ होगी ।

- श्री सत्‍यसाईं

6 टिप्‍पणियां:

  1. echha param prham me lipt hone ki jugupsa hai parm tatv ko prapt karne ki mahatva kanxa bhi ichaao ka unmulan nahi sanyojan
    aur disha nirdeshan bhi aavasyak hai
    bhut hi aabhar sadvichar ke liye
    saadar
    praveen pathik
    9971969084

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत सुन्दर सदविचार है ये िच्छायें खत्म हो जायें तो मनुश्य मनुश्य ना बना रहे यही तो इन्सान को हैवान बना देती हैं आभार्

    उत्तर देंहटाएं
  3. wow! sada pahli baar tumhare blog pe ayee hun..really its wonderful....

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  4. bahut hi achhe vichaar se saakshaatkaar
    karvaya hai aapne.....
    aapka chintan abhinandaneey hai .
    ---MUFLIS---

    उत्तर देंहटाएं

यह सद़विचार आपको कैसा लगा अपने विचारों से जरूर अवगत करायें आभार के साथ 'सदा'