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सोमवार, 27 जुलाई 2009

आज का सद़विचार 'श्रम'

जिस श्रम से हमें आनन्‍द प्राप्‍त होता है,
वह हमारी व्‍याधियों के लिए अमृत,
तुल्‍य है, हमारी वेदना की निवृत्‍ित है ।

- शेक्‍सपीयर

2 टिप्‍पणियां:

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